Delhi Malviya Nagar Fire Tragedy: 21 Dead, PM Modi Announces ₹2 Lakh Compensation
दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित Flourish Stay B&B रेस्टोरेंट में बुधवार सुबह भीषण आग — 21 मौतें, 25 से अधिक घायल। पीड़ितों में कई विदेशी नागरिक भी शामिल।
Advertisementदिल्ली के मालवीय नगर इलाके से 3 जून 2026 को एक भयावह और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई। हौज़ रानी क्षेत्र में स्थित Flourish Stay B&B रेस्टोरेंट में बुधवार सुबह करीब 9:45 बजे अचानक भयानक आग भड़क उठी। आग इतनी तेज़ी से फैली कि अंदर मौजूद लोगों को सांस लेना मुश्किल हो गया और बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिला। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 21 लोगों की जान जा चुकी है और 25 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
दिल्ली पुलिस और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आग की शुरुआत रेस्टोरेंट के बेसमेंट से हुई। सुबह सवेरे जब लोग गहरी नींद में थे या नाश्ता कर रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। बहुमंजिला इमारत में फंसे लोग चीख-पुकार मचाते रहे लेकिन घना धुआं और बंद गेट उनके लिए मौत का जाल बन गए। कुछ लोगों ने खिड़की से कूदकर अपनी जान बचाने की कोशिश की। दिल्ली फायर सर्विस को सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर रवाना की गईं और तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया जिसमें बेसमेंट से तीन लोगों को सुरक्षित निकाला गया।
इस हादसे की एक और गंभीर बात यह सामने आई है कि मृतकों में कई विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि ये विदेशी नागरिक मुख्य रूप से मध्य एशिया और अफ्रीका से थे जो इस बी एंड बी (Bed & Breakfast) होटल में ठहरे हुए थे। मालवीय नगर दक्षिण दिल्ली का एक व्यस्त इलाका है जहाँ बजट होटल और गेस्टहाउस में विदेशी पर्यटक अक्सर रुकते हैं। यह मामला अब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी संज्ञान में आ गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और तत्काल अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। PM मोदी ने अपने सोशल मीडिया पर लिखा — "मालवीय नगर, दिल्ली में आग की घटना में जान-माल की हानि अत्यंत दुखद है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूँ।"
Advertisementदिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस हादसे पर गहरा शोक जताते हुए कहा कि जैसे ही आग लगने की सूचना मिली, दिल्ली फायर ब्रिगेड, पुलिस, DDMA और CATS एम्बुलेंस सहित सभी आपातकालीन टीमों को तुरंत हरकत में लाया गया। उन्होंने आश्वासन दिया कि दिल्ली सरकार पीड़ितों के लिए इलाज से लेकर हर तरह की सहायता सुनिश्चित कर रही है। दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने भी इस त्रासदी पर शोक व्यक्त किया और अधिकारियों को तत्काल चिकित्सा सहायता तथा घटना की गहन जाँच के निर्देश दिए।
शुरुआती जाँच में सामने आया है कि जिस इमारत में यह हादसा हुआ, वहाँ केवल 6 कमरों की मंजूरी थी लेकिन मालिक ने 25 कमरे बना लिए थे। इमारत का गेट बंद होने की वजह से लोगों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया और यही बंद गेट उनके लिए मौत का जाल बन गया। दिल्ली में अवैध निर्माण और अग्निसुरक्षा नियमों की अनदेखी का यह एक और गंभीर परिणाम है जो कई मासूम जिंदगियाँ निगल गया।
यह हादसा दिल्ली में अग्नि सुरक्षा नियमों की दयनीय स्थिति को उजागर करता है। शहर में हज़ारों इमारतें बिना NOC के चल रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय पर फायर ऑडिट होता, आपात निकास द्वार खुले होते और निर्माण नियमों का पालन किया जाता, तो इतनी बड़ी तादाद में जानें नहीं जातीं। यह पहला मौका नहीं है — दिल्ली में ऐसे हादसे बार-बार होते हैं और हर बार सख्त कार्रवाई के वादे हवा हो जाते हैं।
अधिकारियों ने घटना की जाँच के आदेश दे दिए हैं। रेस्टोरेंट के मालिक के खिलाफ कार्रवाई की बात कही जा रही है। पीड़ित परिवारों को सरकारी मदद पहुँचाने का काम शुरू हो गया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि इस मुश्किल घड़ी में सरकार हर पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है।
Advertisementइस दुखद घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। 21 परिवारों का दर्द अथाह है। सरकार से लेकर आम नागरिक तक सभी इन परिवारों के साथ खड़े हैं। लेकिन यह भी सोचना ज़रूरी है कि मुआवजे और शोक से परे, दिल्ली में ऐसे हादसों की रोकथाम के लिए ठोस और दीर्घकालिक कदम उठाए जाएं। अवैध होटलों पर कार्रवाई, नियमित फायर ऑडिट और आपातकालीन निकास की अनिवार्यता को सख्ती से लागू करना अब वक्त की सबसे बड़ी माँग है।
