इंटरव्यू गया और लौटा नहीं — लोनी की नहर किनारे मिला गोलियों से छलनी युवक का खून में सना शव
यूपी पुलिस भर्ती का सपना देखने वाला 21 साल का नितिन राणा बुधवार दोपहर इंटरव्यू का बहाना बनाकर घर से निकला था। देर रात गाजियाबाद के लोनी इलाके में बंथला नहर के किनारे उसका शव मिला — शरीर में चार गोलियां दागी गई थीं और मौके पर बियर की चार केन बरामद हुईं।
- पीड़ित: नितिन राणा, उम्र 21 वर्ष
- पता: डोला गांव, सिंघावली, बागपत
- घटनास्थल: सिकरानी गांव, बंथला नहर, लोनी
- गोलियां: कनपटी, सिर व सीने में 4 गोलियां
- सुराग: 4 बियर केन, 1 बैग बरामद
- संदिग्ध: गांव के 2 युवकों पर परिवार का आरोप
- थाना: लोनी पुलिस, गाजियाबाद
- जांच टीमें: 3 टीमें गठित
गाजियाबाद के लोनी इलाके से एक दिल दहला देने वाली खबर आई है। बागपत जिले के डोला गांव का रहने वाला 21 वर्षीय नितिन राणा यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहा था — एक मेहनती और सपने देखने वाला नौजवान, जिसके घर में उसके सुनहरे कल की उम्मीद थी। लेकिन बुधवार का वह दिन उस परिवार के लिए जिंदगी की सबसे काली रात बनकर आया।
इंटरव्यू का बहाना, और निकल पड़ा अंतिम सफर पर
परिजनों के मुताबिक नितिन बुधवार दोपहर करीब एक बजे घर से निकला था। उसने बताया था कि वह किसी कंपनी में इंटरव्यू देने जा रहा है। परिवार के एक सदस्य ने उसे बागपत रेलवे स्टेशन तक छोड़ा। इसके बाद किसी को नहीं पता था कि वो कहाँ गया — और यही उसके जीवन की अंतिम जानकारी बनी।
शाम ढलते-ढलते घर वाले बेचैन होने लगे। फोन किया तो पहले घंटी गई, फिर स्विच ऑफ हो गया। परिवार के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी होती चली गईं। देर रात जब पुलिस की सूचना मिली तो पूरे परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई।
"शादी के लिए नहीं गया था, इंटरव्यू देने गया था। लेकिन लाश बनकर लौटा।"
— मृतक के परिजन, नितिन राणा के परिवार का बयाननहर किनारे मिला खून से लथपथ शव
रात के अंधेरे में लोनी क्षेत्र के सिकरानी गांव के पास बंथला नहर किनारे एक खून से सना शव पड़ा मिला। सूचना मिलते ही लोनी पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार युवक के सिर की कनपटी, सिर और सीने में चार गोलियां दागी गई थीं। यह स्पष्ट था कि यह कोई दुर्घटना नहीं, बल्कि एक सोची-समझी, नृशंस हत्या थी।
शव की पहचान बागपत के सिंघावली क्षेत्र स्थित डोला गांव निवासी नितिन राणा (21) के रूप में हुई। इस खबर के मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। घर में रोने की आवाजें थमने का नाम नहीं ले रही थीं।
⚠ घटनास्थल पर कोई CCTV कैमरा नहीं था, जिससे पुलिस की जांच में बड़ी बाधा आ रही है।
घटना की समयरेखा — एक-एक पल की दास्तान
नितिन राणा इंटरव्यू का बहाना बनाकर डोला गांव (बागपत) से निकलता है। एक दोस्त उसे बागपत रेलवे स्टेशन तक छोड़ता है।
परिजन बार-बार फोन करते हैं। पहले घंटी जाती है, फिर मोबाइल स्विच ऑफ हो जाता है। घर में बेचैनी बढ़ने लगती है।
लोनी के सिकरानी गांव के पास बंथला नहर किनारे खून से लथपथ युवक का शव मिलता है। पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंचती है।
पुलिस को मौके से 4 बियर केन और एक बैग बरामद होता है। हत्या से पहले बियर पार्टी की आशंका जताई जाती है।
एसीपी सिद्धार्थ गौतम शव पोस्टमार्टम के लिए भेजते हैं। परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज, तीन टीमें आरोपियों की तलाश में।
बियर पार्टी और चार गोलियां — हत्या की योजना पहले से थी?
पुलिस ने घटनास्थल से चार बियर केन और एक बैग बरामद किया है। इससे यह माना जा रहा है कि हत्या से पहले नितिन अपने हत्यारों के साथ बैठकर बियर पी रहा था। यानी हत्या की साजिश पहले से रची गई थी — पहले दोस्ती का नाटक, फिर दावत, और आखिर में बेरहमी से गोलियां बरसाना।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने उस रात कोई गोली चलने की आवाज नहीं सुनी, जो इस हत्या को और रहस्यमयी बनाता है। घटनास्थल के आसपास कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं होने के कारण पुलिस के हाथ अभी खाली हैं।
परिवार का आरोप — गांव के दो युवकों ने रची साजिश
नितिन के परिजनों ने पुलिस को तहरीर देते हुए गांव के ही दो युवकों पर हत्या का आरोप लगाया है। परिवार का दावा है कि यह हत्या पुरानी रंजिश के चलते की गई है। मृतक के घर वालों ने बताया कि इन दोनों से नितिन का पहले से विवाद चल रहा था, लेकिन उन्हें यकीन नहीं था कि मामला इतनी हद तक जाएगा।
पुलिस इन आरोपों की गंभीरता से जांच कर रही है। आरोपियों की पहचान, उनके ठिकाने और मोबाइल लोकेशन की जानकारी जुटाई जा रही है।
"नितिन यूपी पुलिस में जाना चाहता था, वर्दी पहनना चाहता था। लेकिन किस्मत ने उसे यह मौका नहीं दिया।"
— परिजनों का दर्दपुलिस की रणनीति — तीन टीमें, कॉल डिटेल और लोकेशन ट्रैकिंग
लोनी पुलिस के एसीपी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। आरोपियों की तलाश के लिए तीन अलग-अलग पुलिस टीमें गठित की गई हैं।
पुलिस अब नितिन की मोबाइल कॉल डिटेल, अंतिम लोकेशन और उसके संपर्क में रहे लोगों की जांच कर रही है। घटनास्थल से दूर के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही मामले का खुलासा हो जाएगा।
एक सपने की मौत — परिवार का दर्द
नितिन राणा सिर्फ 21 साल का था। उम्र जब जिंदगी के दरवाजे खुलने शुरू होते हैं, तब उसकी जिंदगी का दरवाजा हमेशा के लिए बंद हो गया। वो यूपी पुलिस में शामिल होकर देश की सेवा करना चाहता था। उसके घर में बुजुर्ग माता-पिता थे जिनकी आंखें उसके पुलिस की वर्दी पहनने का सपना देखती थीं।
आज वही घर मातम में डूबा है। रोने की आवाजें, उठावनी की तैयारी, और एक खाली कुर्सी — जो कभी नितिन की हुआ करती थी। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है और एक बार फिर क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सवाल जो उठते हैं
इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। क्या किसी सुनसान इलाके में, जहाँ कोई CCTV नहीं, वहाँ हत्यारे जानबूझकर गए? क्या बियर पार्टी का नाटक पहले से तय था? क्या पुरानी रंजिश इतनी गहरी थी कि उसने एक होनहार युवा की जान ले ली? ये सवाल तब तक अनुत्तरित रहेंगे, जब तक पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करती।
गाजियाबाद की जनता और नितिन का परिवार पुलिस से जल्द से जल्द न्याय की मांग कर रहे हैं। हत्यारों को सजा दिलाना अब पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
