समस्तीपुर बना बंगाल ज्वेलरी लूटकांड का केंद्र — सेंट्रल जेल गया में बंद रमिया के इशारे पर हुई थी 5 किलो सोने की डकैती, वारदात का हुआ था लाइव टेलीकास्ट
📌 मामले की मुख्य बातें — एक नजर में
- घटना की तारीख: 14 मई 2026 — मुर्शिदाबाद, पश्चिम बंगाल
- लूटा गया: 5 किलो सोने के आभूषण — सेनको ज्वेलरी शोरूम से
- मास्टरमाइंड: रवि रंजन उर्फ रमिया (समस्तीपुर), जेल में बंद
- गिरफ्तार: सुधीर शर्मा (शीतलपट्टी) और अमन कुमार (किशनपुर बैकुण्ठ)
- बरामदगी: 1 किलो 144 ग्राम सोना, ₹5 लाख नगद, चाँदी के गहने
- विशेष: डकैती का लाइव वीडियो कॉल पर प्रसारण — जेल से निगरानी
- जाँच एजेंसी: पश्चिम बंगाल STF — समस्तीपुर में कैंप कर रही
मामले की पूरी पृष्ठभूमि
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में स्थित प्रतिष्ठित सेनको ज्वेलरी शोरूम में 14 मई 2026 को दिनदहाड़े सशस्त्र बदमाशों ने धावा बोल दिया और 5 किलो से अधिक सोने के आभूषण लूट लिए। घटना इतनी सुनियोजित और पेशेवर थी कि जाँच एजेंसियों को शुरू से ही किसी बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का हाथ होने का संदेह था।
बीते एक सप्ताह में पश्चिम बंगाल की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने समस्तीपुर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में लगातार छापेमारी की। इस कार्रवाई में अब तक दो बदमाशों को गिरफ्तार किया जा चुका है और भारी मात्रा में सोना व नगद बरामद हुआ है। इन खुलासों ने इस पूरे मामले में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने ला दिए हैं।
दो गिरफ्तारियाँ — समस्तीपुर से पकड़े गए अहम आरोपी
बंगाल STF ने मुफस्सिल थाना क्षेत्र के शीतलपट्टी निवासी दिनेश शर्मा के पुत्र सुधीर शर्मा और वारिसनगर थाना क्षेत्र के किशनपुर बैकुण्ठ निवासी बिजेंद्र कुमार सिंह के पुत्र अमन कुमार को गिरफ्तार किया है। दोनों के पास से करीब 1 किलो 144 ग्राम सोना, लगभग ₹5 लाख नगद और चाँदी के आभूषण बरामद किए गए।
गुरुवार को दोनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर लेने के लिए बंगाल पुलिस कोर्ट लेकर पहुँची, जहाँ से उन्हें पश्चिम बंगाल ले जाया जाएगा। इन दोनों की निशानदेही पर STF ने जिले के कई अन्य थाना क्षेत्रों में छापेमारी भी की है। सूत्रों के अनुसार जिले के और भी कई युवकों की इस गिरोह में संलिप्तता का खुलासा हो सकता है।
जेल में बंद रमिया — पूरे षड्यंत्र का 'कुख्यात दिमाग'
जाँच का सबसे बड़ा खुलासा यह है कि इस पूरे लूटकांड का कथित मास्टरमाइंड समस्तीपुर जिले के मथुरापुर थाना क्षेत्र के शेखोपुर निवासी रवि रंजन उर्फ रम्मी उर्फ रमिया है। रमिया फिलहाल सेंट्रल जेल गयाजी में बंद है।
बताया जाता है कि पहले वह बेगूसराय जेल में था, लेकिन वहाँ से भी जेल के भीतर मोबाइल के जरिए अपने गुर्गों से लगातार संपर्क करता था। इसका सुराग मिलने के बाद जेल प्रशासन ने उसे सेंट्रल जेल गया में स्थानांतरित कर दिया — पर वहाँ से भी उसने अपना नेटवर्क चलाना बंद नहीं किया।
सूत्रों के अनुसार हाजीपुर जेल में बंद रोहित सिंह ने भी इस पूरे ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाई। बताया जा रहा है कि उसी ने समस्तीपुर जिले के करीब आधा दर्जन युवकों को तैयार कर मुर्शिदाबाद भेजा था। बंगाल STF की एक टीम सेंट्रल जेल गया पहुँचकर रमिया से पूछताछ कर चुकी है।
डकैती का लाइव टेलीकास्ट — सबसे चौंकाने वाला खुलासा
इस मामले का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह है कि बदमाशों ने लूट की पूरी वारदात की वीडियो रिकॉर्डिंग करवाई और समस्तीपुर में बैठे गिरोह के अन्य सदस्य लाइव वीडियो कॉल के जरिए पूरी घटना देख रहे थे।
जाँच एजेंसियों ने पाया कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि गिरोह के सभी सदस्यों को यह सुनिश्चित हो सके कि आखिर कितनी मात्रा में सोना लूटा गया — और लूट की हिस्सेदारी पारदर्शी रहे। जेल में बंद रमिया भी इस पूरी घटना पर नजर रख रहा था।
इसके अलावा जाँच में यह भी सामने आया है कि लूटकांड में इस्तेमाल हथियार और वाहनों की फर्जी नंबर प्लेट भी समस्तीपुर से ही उपलब्ध कराई गई थीं। घटना को अंजाम देने के बाद बदमाशों ने नंबर प्लेट बदल दिए ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके।
नेपाल बॉर्डर की ओर भागने की थी योजना
वारदात के बाद सभी बदमाश अलग-अलग दिशाओं में निकल गए। वे पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करते हुए नेपाल बॉर्डर की ओर बढ़ रहे थे और सुपौल के रास्ते निकलने की योजना थी। हालाँकि, सुधीर शर्मा और अमन कुमार समस्तीपुर के मुफस्सिल क्षेत्र में ही रुक गए और गुप्त सूचना के आधार पर बंगाल STF ने उन्हें दबोच लिया।
यह भी खबर है कि बंगाल पुलिस ने दो और संदिग्धों को हिरासत में लिया है, हालाँकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। संदिग्धों के परिजन लगातार थानों का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन पुलिस फिलहाल कुछ भी खुलासा करने से बच रही है।
अधिकारी का आधिकारिक बयान
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में ज्वेलरी शोरूम से हुए लूटकांड मामले में बंगाल पुलिस कार्रवाई कर रही है। समस्तीपुर पुलिस सिर्फ स्थानीय स्तर पर सहयोग कर रही है। जो भी जानकारी होगी वह बंगाल पुलिस और STF जारी करेगी।
आगे क्या होगा — जाँच की दिशा
बंगाल STF को उम्मीद है कि समस्तीपुर जिले से अभी और सोना तथा अन्य सामग्री बरामद हो सकती है। STF की टीम लगातार जिले में तैनात है और कई संदिग्धों के घरों पर नजर रखी जा रही है। जेल में बंद रमिया से पूछताछ के बाद नए नाम और ठिकाने सामने आने की संभावना है।
यह मामला बिहार-बंगाल के अंतरराज्यीय अपराध नेटवर्क की एक खतरनाक तस्वीर पेश करता है — जहाँ जेल के भीतर बंद अपराधी भी मोबाइल के जरिए सैकड़ों किलोमीटर दूर बड़े-बड़े अपराध को अंजाम देने में सक्षम हैं।
